ब्रेस्ट का आकार अचानक बदलना मुख्य रूप से हार्मोन में उतार-चढ़ाव, वजन में बदलाव, या शारीरिक स्थितियों के कारण होता है। मासिक धर्म (periods) से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के बढ़ने से सूजन और भारीपन आ जाता है। गर्भावस्था, स्तनपान (breastfeeding), गर्भनिरोधक गोलियां, या तेजी से वजन घटने-बढ़ने से भी आकार बदल सकता है।
हाँ, ब्रेस्ट का आकार और शेप जीवन के अलग-अलग चरणों में बदल सकता है। पीरियड्स के आसपास हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट कुछ समय के लिए सूजे हुए या भारी लग सकते हैं।
गर्भावस्था, स्तनपान, वजन में बदलाव और उम्र बढ़ने के कारण भी ब्रेस्ट में बदलाव आ सकते हैं।
हालांकि अचानक और लगातार होने वाले बदलाव सामान्य शारीरिक बदलाव से अलग हो सकते हैं और उनकी जांच जरूरी हो सकती है।
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन ब्रेस्ट के टिश्यू को प्रभावित करते हैं। पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में सूजन, भारीपन या आकार में अस्थायी वृद्धि महसूस हो सकती है।
मासिक धर्म के आसपास कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट थोड़े बड़े, भारी या संवेदनशील महसूस होते हैं। आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के बाद यह बदलाव कम हो जाता है।
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और ब्रेस्ट की दूध बनाने वाली ग्रंथियों में होने वाले परिवर्तन के कारण ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है।
स्तनपान के दौरान दूध भरने के कारण ब्रेस्ट का आकार अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। यदि दूध की नली बंद हो जाए या संक्रमण हो, तो एक ब्रेस्ट दूसरे की तुलना में अधिक सूजा हुआ या बड़ा दिखाई दे सकता है।
ब्रेस्ट में फैटी टिश्यू होता है। इसलिए शरीर के वजन में बदलाव के साथ ब्रेस्ट का आकार भी बदल सकता है। दोनों ब्रेस्ट में यह बदलाव हमेशा बिल्कुल समान नहीं होता।
ब्रेस्ट में तरल पदार्थ से भरी सिस्ट बनने पर एक हिस्से में सूजन, भारीपन या आकार में बदलाव महसूस हो सकता है। अधिकांश ब्रेस्ट सिस्ट कैंसर नहीं होतीं, लेकिन डॉक्टर की जांच से कारण स्पष्ट किया जा सकता है।
Mastitis या अन्य संक्रमण में एक ब्रेस्ट अचानक सूजा हुआ, लाल, गर्म और दर्दनाक हो सकता है। इसके साथ बुखार भी हो सकता है।
ब्रेस्ट या छाती के आसपास चोट लगने से सूजन या आकार में अस्थायी बदलाव हो सकता है। कभी-कभी छाती की मांसपेशियों में खिंचाव भी ब्रेस्ट में बदलाव या दर्द जैसा महसूस हो सकता है।
उम्र बढ़ने, रजोनिवृत्ति और त्वचा की लोच कम होने के कारण ब्रेस्ट का आकार और शेप धीरे-धीरे बदल सकते हैं।
हर बार नहीं, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
यदि एक ब्रेस्ट अचानक बड़ा या सूजा हुआ दिखाई दे और यह बदलाव कुछ समय में ठीक न हो, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
विशेष रूप से यदि इसके साथ गांठ, लालिमा, दर्द, त्वचा में बदलाव या निप्पल से डिस्चार्ज हो, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लें।
कभी-कभी वजन कम होने या हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट का आकार कम दिखाई दे सकता है।
लेकिन यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के एक ब्रेस्ट का आकार अचानक कम हो जाए या उसका शेप बदल जाए, तो विशेषज्ञ से जांच कराना उचित है।
अधिकांश मामलों में ब्रेस्ट के आकार में बदलाव कैंसर के कारण नहीं होता। फिर भी नए और असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इनमें से कोई लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
सबसे पहले यह देखें कि बदलाव कब से है और क्या इसका संबंध पीरियड्स, गर्भावस्था, स्तनपान या वजन में बदलाव से हो सकता है।
यदि बदलाव कुछ दिनों में सामान्य हो जाए, तो अक्सर चिंता की आवश्यकता नहीं होती।
लेकिन यदि बदलाव बना रहे, बढ़ रहा हो या उसके साथ अन्य लक्षण हों, तो स्वयं इसका कारण तय करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।
आपकी उम्र, लक्षण और जांच के आधार पर डॉक्टर अलग-अलग जांच की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर ब्रेस्ट और बगल के हिस्से की शारीरिक जांच करते हैं और किसी गांठ, सूजन या अन्य बदलाव का मूल्यांकन करते हैं।
विशेषकर कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट की गांठ या अन्य बदलावों को समझने के लिए अल्ट्रासाउंड उपयोगी हो सकता है।
उम्र और लक्षणों के आधार पर डॉक्टर मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं।
यदि आवश्यक हो, तो डॉक्टर आगे की जांच या बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं।
हर महिला को सभी जांचों की जरूरत नहीं होती। जांच का निर्णय व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर किया जाता है।
| मिथक | वैज्ञानिक सच्चाई |
|---|---|
| ब्रेस्ट का आकार बदलना हमेशा कैंसर का संकेत है। | अधिकांश बदलाव गैर-कैंसर वाले कारणों से होते हैं। |
| केवल दर्द होने पर ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। | बिना दर्द के भी नया आकार या त्वचा परिवर्तन जांच योग्य हो सकता है। |
| पीरियड्स के दौरान ब्रेस्ट का आकार बदलना असामान्य है। | हार्मोनल बदलाव के कारण अस्थायी परिवर्तन सामान्य हो सकते हैं। |
| दोनों ब्रेस्ट में हमेशा समान बदलाव होना चाहिए। | दोनों ब्रेस्ट में बदलाव की मात्रा अलग हो सकती है। |
"ब्रेस्ट के आकार में हल्के और अस्थायी बदलाव अक्सर हार्मोनल या प्राकृतिक कारणों से होते हैं। लेकिन यदि बदलाव अचानक, लगातार या केवल एक ब्रेस्ट में हो, तो कारण की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है। किसी भी नए बदलाव को केवल इंटरनेट की जानकारी के आधार पर सामान्य मान लेना उचित नहीं है।"
— डॉ. प्रीति यादव
Breast Plastic Surgeon in Gurgaon
ब्रेस्ट का आकार अचानक बदलने के पीछे पीरियड्स, हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, स्तनपान, वजन में बदलाव, सिस्ट, संक्रमण या चोट जैसे कई कारण हो सकते हैं। अधिकांश कारण गंभीर नहीं होते, लेकिन नया और लगातार बना रहने वाला बदलाव, खासकर एक ब्रेस्ट में, डॉक्टर द्वारा जांचा जाना चाहिए।
समय पर जांच कराने से कारण स्पष्ट हो जाता है और यदि किसी उपचार की आवश्यकता हो, तो उसे सही समय पर शुरू किया जा सकता है।
कुछ मामलों में हाँ। पीरियड्स, हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था और वजन में बदलाव से ब्रेस्ट का आकार बदल सकता है। लगातार बदलाव की जांच जरूरी हो सकती है।
सिस्ट, संक्रमण, सूजन, हार्मोनल बदलाव, चोट या अन्य कारणों से एक ब्रेस्ट बड़ा दिखाई दे सकता है।
हाँ। हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट में अस्थायी सूजन और भारीपन हो सकता है।
हाँ। गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव और ब्रेस्ट टिश्यू के विकास के कारण आकार बढ़ना सामान्य है।
अधिकांश मामलों में नहीं। लेकिन यदि आकार में नया और लगातार बदलाव हो या गांठ, त्वचा में बदलाव या निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज हो, तो जांच जरूरी है।
आप Breast Specialist, Breast Surgeon या योग्य Plastic Surgeon से सलाह ले सकती हैं। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर उचित जांच की सलाह देंगे।
Medically Reviewed By:
Dr. Preeti Yadav
MS (Plastic Surgery), MCh (Plastic & Reconstructive Surgery)
Breast Plastic Surgeon in Gurgaon
15+ Years Experience | 3000+ Breast Surgeries