ब्रेस्ट में दर्द का सबसे सामान्य कारण हार्मोनल बदलाव होता है, खासकर पीरियड्स से पहले। इसके अलावा ब्रेस्ट सिस्ट, संक्रमण, गलत आकार की ब्रा, मांसपेशियों में खिंचाव, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी दर्द हो सकता है। यदि दर्द लगातार बना रहे, केवल एक ब्रेस्ट में हो, गांठ महसूस हो या निप्पल से खून जैसा डिस्चार्ज आए, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
हाँ।
कई महिलाओं को जीवन में कभी न कभी ब्रेस्ट में दर्द का अनुभव होता है। अधिकांश मामलों में यह अस्थायी होता है और हार्मोनल बदलाव के कारण अपने आप ठीक हो जाता है।
सिर्फ दर्द होना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता।
यह सबसे सामान्य कारण है।
पीरियड्स से पहले शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बदलते हैं, जिससे ब्रेस्ट में भारीपन, सूजन और दर्द महसूस हो सकता है।
कई महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होने से कुछ दिन पहले दोनों ब्रेस्ट में दर्द या संवेदनशीलता महसूस होती है।
आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के बाद यह दर्द कम हो जाता है।
गर्भावस्था की शुरुआती अवस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट में दर्द, भारीपन और संवेदनशीलता होना सामान्य है।
दूध भरने, निप्पल में चोट, दूध की नली बंद होने (Blocked Milk Duct) या संक्रमण (Mastitis) के कारण भी दर्द हो सकता है।
ब्रेस्ट में पानी से भरी छोटी गांठ (Cyst) बनने पर दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है।
अधिकांश सिस्ट कैंसर नहीं होतीं, लेकिन जांच जरूरी हो सकती है।
कई बार दर्द वास्तव में ब्रेस्ट में नहीं बल्कि छाती की मांसपेशियों, पसलियों या कंधे से आता है।
भारी वजन उठाने या अधिक एक्सरसाइज करने के बाद ऐसा हो सकता है।
बहुत टाइट या सही फिटिंग न होने वाली ब्रा पहनने से भी ब्रेस्ट में दर्द और असहजता हो सकती है।
यदि ब्रेस्ट लाल हो जाए, सूजन हो, छूने पर गर्म महसूस हो और बुखार भी हो, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
अधिकांश मामलों में नहीं।
सिर्फ दर्द होने से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना कम होती है। हालांकि यदि दर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षण हों, तो जांच करवाना जरूरी है—
यदि दर्द हल्का है, तो ये उपाय मदद कर सकते हैं—
यदि दर्द बार-बार हो या बढ़ता जाए, तो विशेषज्ञ से जांच कराएं।
इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें—
| मिथक | वैज्ञानिक सच्चाई |
|---|---|
| ब्रेस्ट में दर्द मतलब कैंसर है। | अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं होता। |
| हर दर्द की सर्जरी करनी पड़ती है। | कई मामलों में दवा या निगरानी पर्याप्त होती है। |
| दर्द होने पर जांच की जरूरत नहीं होती। | लगातार दर्द या अन्य लक्षण हों तो जांच जरूरी है। |
| केवल बड़ी उम्र की महिलाओं को ब्रेस्ट दर्द होता है। | यह किसी भी उम्र में हो सकता है। |
"ब्रेस्ट में दर्द एक सामान्य समस्या है और अधिकांश मामलों में इसका कारण हार्मोनल बदलाव या अन्य गैर-गंभीर स्थितियां होती हैं। लेकिन यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे, गांठ महसूस हो या निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज आए, तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए। सही समय पर मूल्यांकन से गंभीर बीमारियों का पता जल्दी लगाया जा सकता है।"
— डॉ. प्रीति यादव
Breast Plastic Surgeon in Gurgaon
ब्रेस्ट में दर्द होना हमेशा चिंता का विषय नहीं होता। अधिकांश मामलों में यह हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स, गर्भावस्था, स्तनपान या अन्य सामान्य कारणों से होता है। लेकिन यदि दर्द लगातार बना रहे, उसके साथ गांठ या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
हाँ। अधिकांश महिलाओं को जीवन में कभी न कभी ब्रेस्ट दर्द का अनुभव होता है।
अधिकांश मामलों में नहीं। लेकिन यदि दर्द के साथ गांठ या अन्य असामान्य लक्षण हों, तो जांच करानी चाहिए।
हार्मोनल बदलाव के कारण ब्रेस्ट में सूजन और संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
हाँ। गलत आकार की ब्रा दर्द और असहजता का कारण बन सकती है।
यदि दर्द लगातार बना रहे या उसके साथ गांठ, सूजन या निप्पल से डिस्चार्ज हो, तो ब्रेस्ट विशेषज्ञ या योग्य प्लास्टिक सर्जन से जांच करानी चाहिए।
Medically Reviewed By:
Dr. Preeti Yadav
MS (Plastic Surgery), MCh (Plastic & Reconstructive Surgery)
Breast Plastic Surgeon in Gurgaon
15+ Years Experience | 3000+ Breast Surgeries